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मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पेशे से जुड़े मिथक एवं तथ्य: (Myths & Facts)

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मिथक-1: मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय एक स्थाई व्यवसाय नहीं होता|

तथ्य:  6 माह के प्रोबेशन को सफलतापूर्वक करने के पश्चात मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय उतना ही स्थाई होता है जितना कि कोई भी और पेशेवर व्यवसाय|

मिथक-2:  केवल विज्ञान और फार्मेसी के स्नातक ही मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के व्यवसाय के लिए उपयुक्त होते हैं|

तथ्य:  विज्ञान और फार्मेसी के स्नातकों को विषयों के आधार पर प्राथमिकता जरूर मिलती है| लेकिन मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव करियर बिल्डर प्रोग्राम में किसी भी विषय से स्नातक ग्रेजुएट को इस प्रकार से तैयार किया जाता है कि उनकी क्षमता किसी भी प्रकार से विज्ञान एवं फार्मेसी के स्नातकों से कम नहीं होती | और व्यक्तित्व विकास का कोर्स सभी स्नातकों को इस प्रोग्राम के अंतर्गत एक ही तरह से कराया जाता है जिससे कि प्रोग्राम के पूर्ण होने के पश्चात किसी भी विषय से स्नातक क्षमता में कोई अंतर नहीं होता |

मिथक-3:  टारगेट ना करने से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी चली जाती है|

तथ्य: आज के समय में हर नौकरी हर व्यवसाय में एक टारगेट होता है जो कर्मचारी को करना होता है| क्योंकि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का टारगेट नंबर अचीवमेंट से जुड़ा होता है इसलिए यह मिथक एक धारणा बन गया है| लेकिन ऐसा नहीं है|  बिजनेस का टारगेट करने से पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को अपने व्यवसाय के अन्य टारगेट जैसे अपनी मार्केट और कस्टमर्स का कवरेज आदि करना होता है| और इसके लिए कंपनी  के वरिष्ठ अधिकारी आपकी सहायता और मार्गदर्शन करते हैं|

मिथक-4:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के व्यवसाय में कार्य करने का समय निर्धारित नहीं होता है और उन्हें 12 से 14 घंटे तक कार्य करना होता है|

तथ्य:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के  प्रोफाइल के अनुसार उनको मार्केट एवं कस्टमर की विजिट एवं कवरेज करनी होती है| और अगर आप मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम करने के बाद इस व्यवसाय को करते हैं तो आपको व्यवसाय से संबंधित जो कौशल सिखाया जाता हैउसके अनुसार योजना बनाकर आप अपना दैनिक कार्य नियत समय में पूरा कर सकते हैं| क्योंकि आप इस प्रोग्राम के द्वारा एक स्किल्ड कुशल मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में विकसित किए जाते हैं |

मिथक– 5:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को टारगेट अचीवमेंट  पर ही सैलरी मिलती है|

तथ्य:  टारगेट अचीव करना मेडिकल रिपोर्ट के व्यवसाय की जिम्मेदारी का केवल एक हिस्सा है उसके अलावा भी और कई जिम्मेदारियां होती है जिनके आधार पर सैलरी का निर्धारण होता है और सैलरी दी जाती है|

 मिथक-6:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय एक स्वाभिमानी व्यवसाय नहीं है|

 तथ्य:  यह एक बहुत ही स्वाभिमान का व्यवसाय है लेकिन क्योंकि आप ग्रेजुएशन करने के बाद दो-तीन साल इधर-उधर भटक कर सारे प्रयास करने के पश्चात इस व्यवसाय में आते हैं इसलिए आप यह भ्रांति अपने मन में रखते हैं और स्वयं ही इस व्यवसाय को इतना आदर नहीं देते|  यदि आप ग्रेजुएशन के बाद ही प्लानिंग करके इस व्यवसाय में आते हैं तो आप स्वयं जान जाएंगे कि यह एक स्वाभिमान के साथ किया जाने वाला व्यवसाय है |

मिथक-7:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का कोई उज्जवल भविष्य नहीं होता है|

तथ्य:  दुनिया के कुछ गिने-चुने व्यवसाय में ही प्रदर्शन की सराहना होती है|  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय उनमें से एक है | इस व्यवसाय की सबसे खास बात है की कंपनी के प्रेसिडेंट की पोजीशन तक पहुंचने का मार्ग दी भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के द्वार से ही खुलता है और प्रदर्शन के आधार पर ही कोई भी व्यक्ति उन्नति कर सकता है| और यदि आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपके लिए उन्नति की कोई सीमा नहीं है| उन्नति चाहे पोजीशन की हो चाहे आर्थिक|

मिथक-8:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का व्यवसाय केवल बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ही सुविधाजनक होता है|

तथ्य:  आज के ग्लोबलाइजेशन के युग में जब पारदर्शिता अपनी सीमा पर है और सारा ध्यान कस्टमर और प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर है तो बहुराष्ट्रीय या राष्ट्रीय यहां तक कि क्षेत्रीय कंपनियों में भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम लगभग एक जैसा ही है|

मिथक– 9:  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के व्यवसाय में अन्य व्यवसाय/ नौकरी की तरह बाकि सुविधाएं उपलब्ध नहीं है|

तथ्य:  यदि आप मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव करियर बिल्डिंग प्रोग्राम करने के पश्चात इस व्यवसाय में आते हैं तो आप एक स्किल्ड प्रोफेशनल होते हैं जिनको की कंपनियां प्राथमिकता से लेती है| और एक सिस्टम वाली कंपनी में नौकरी पाने पर आपको वह सभी सुविधाएं जैसे सिटी भत्ता, ग्रह किराया भत्ता, प्रोविडेंट फंड, एलटीए, मेडिकल असिस्टेंट, लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी इत्यादि सारी सुविधाएं उपलब्ध होती है| इसके साथ साथ आपको दैनिक फील्ड वर्क के लिए भी कंपनी दैनिक भत्ता देती है| और यदि कंपनी के काम सेयात्रा करते हैं तो उसके भी भत्ते निर्धारित होते हैं|  इस तरह वह सारी सुविधाएं जो किसी भी अन्य व्यवसाय में है मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के जॉब में भी लागू होती है|

 मिथक-10:  फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री की सेल्स एंड मार्केटिंग के व्यवसाय में भविष्य मैं सैलरी इत्यादि बहुत अच्छी नहीं होती | तथ्य:  फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के सेल्स एंड मार्केटिंग में एक विकल्प के रूप में आप 1.80 से लेकर 3.60  लाख वार्षिक सैलरी पर अपना अपना करियर शुरू कर सकते हैं | और जैसा कि आप जानते हैं प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति होती है इसलिए आप सफलता के साथ कार्य करते हुए 20- 22 वर्ष में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं| जहां पर की वार्षिक सैलेरी पैकेज 40.00 लाख या उससे ऊपर होता है| यह एक अकेली इंडस्ट्री है जिसमें एक ही पद पर सैलरी एक ही तरह से तो मिलती है पर एक ही नहीं होती | और आपकी सैलरी कितनी होगी यह आपकी क्षमता एवं प्रदर्शन पर निर्भर करता है|

फार्मा सेल्स और मार्केटिंग में एक सफल करियर की शुरुआत के लिए Medical Representative – Career Builder Program एक अच्छा साधन है|

लेखक: महेंद्र सिंह बिष्ट 

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